Internet Protocol क्या है? यह कैसे कार्य करता है?

जब भी किसी नेटवर्क पर दो या दो से अधिक कम्प्युटर के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान होता है इसके लिए कुछ “Set of rules” बनाएँ गए है इन्हे हम इंटरनेट प्रोटोकॉल कहते है। IEEE(इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रोनिक इंजीनियरिंग) एक इंटरनेशनल गैर लाभकारी संस्था द्वारा 1974 में पब्लिश किया गया था। इंटरनेट प्रोटोकॉल एक प्राथमिक कम्युनिकेशन प्रोटोकॉल है जो routing और लॉजिकल अड्रेसिंग के लिए उपयोग किया जाता है।

इंटरनेट प्रोटोकॉल का सबसे पहला वर्जन 4 तह जिसे IPv4 कहते है, इसके बाद इंटरनेट प्रोटोकॉल का वर्जन 6 (IPv6) का प्रयोग बढ़ रहा है।

IPv4 पैकेट स्विच लिंक्ड लेयर networks में प्रयोग हेतु कनेक्शन रहित प्रोटोकॉल है जैसे इथरनेट। IPv4 में 32-bit एड्रैस का प्रयोग होता है जो 4,294,967,296(2)32 तक संभावित एड्रैस उपलब्ध करता है। इसकी दो वैल्यू होती है Network ID(डिवाइस के उस एड्रैस को दर्शाता है जो नेटवर्क से संबन्धित है) और Host ID(एड्रैस का वह भाग जो नेटवर्क पर होस्ट हो दर्शाता है) इक IP एड्रैस के नेटवर्क और होस्ट भाग का निर्णय एक अतिरिक मान-सबनेट मास्क के आधार पर किया जाता है। एक IP नेटवर्क कम्युनिकेशन के लिए प्रत्येक डिवाइस का एक unique IP एड्रैस होता है।

IP एड्रैस एक binary वैल्यू है, लेकिन इसमें समान्यतः टेक्स्ट फ़ाइल स्टोर होती है और 10.3.5.10 जैसे integer डिस्प्ले होते है।

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