100+ BEST Karma Quotes in Hindi | कर्म पर बेहतरीन कोट्स हिन्दी में

जीवन में हम सभी बहुत सारे अलग-अलग तरह के कर्म करते है, जिसमें कुछ सही और कुछ गलत होते है। हमारे हिन्दू धर्म में कर्म की बड़ी अच्छी व्याख्या दी गयी है कि आप जैसा कार्य करते है, भविष्य में आपको वैसा ही फल प्राप्त होता है। आपने अपने बड़ो के मुँह से ये वाक्य जरूर सुना होगा- ‘जैसी करनी वैसी भरनी’ और इस वाक्य का तर्क बिलकुल सही भी है। जैसा आप दूसरों के साथ करते है वैसा ही आपको वापस मिलता है। आज इस पोस्ट में हम आपको karma quotes in hindi देने जा रहे है जो आपको karma अपनी जिंदगी में कैसे काम कर्ता है बताएगा।

Karma Quotes in Hindi one line

कर्म का अपना सीधा_हिसाब है आपको वही मिलता है जिसके आप हकदार हो।

कड़वा सच👉 भगवान को तो सब मानते है लेकिन भगवान की कोई नहीं❌ मानता!

किसी की खामोशी को उसकी हार मानना गलत है क्या पता उसने कुछ फैसले ऊपर वाले पर छोड़ दिये हो।

अगर #नियत सही हो तो *नसीब* कभी गलत नहीं हो सकता!

यह दुनियाँ एक सबसे बड़े नियम से चलती है और वह नियम है- “कर्मा”

हमेशा छोटी-छोटी गलतियों से बचिए क्योकि इंसान #पहाड़ो से नहीं पत्थरों से ठोकर खाता है॥

कर रहें है लोग मेरा बुरा तो करने दो,,,वो उनका कर्म लेकिन मैं किसी का बुरा नहीं❌ करूंगा ये मेरा धर्म✊

#कर्म तेरे अगर अच्छे है तो किश्मत तेरी है! सोच अगर अच्छी हो तो घर में मथुरा काशी है।

किसी की गलतियों को #बेनकाब ना कर! ईश्वर बैठा देख रहा सब तू #हिसाब ना कर!!

Bhagwat Geeta Karma Quotes in Hindi

डरना ही है ईश्वर से नहीं कर्म से डरिए,,,क्योकि जिस प्रकार बछड़ा सौ गाय में से भी अपनी माँ को ढूंढ लेता है_उसी प्रकार कर्म अपने कर्ता को ढूंढ ही लेता है।

गंगा नहाकर या दान देकर कोई कभी शुद्ध नहीं हो सकता जब तक उसके कर्म शुद्ध नहीं है।

खेत में बोये हुए बीज🌱 का तो पता नहीं लेकिन जीवन में किए हुए सतकर्म के बीज🌳 व्यर्थ नहीं जाते!

इंसान की पहचान उसके कर्मो से होती है सुंदर कपड़े तो #दुकान में पुतले भी पहने हुए रहते है॥

दुआ कभी साथ नहीं छोड़ती और बुरे कर्म कभी पीछा करना नहीं छोड़ते! इसलिए जो दोगे वही वापस आएगा।

कर्म ऐसे करो की दुनियाँ सलाम करें…वरना दूषित_कर्म💩 करोगे तो दुनियाँ को सलाम करेना पड़ेगा।

कर्म कहता है कि अगर किसी के साथ बुरा करो तो अपनी बारी आने का #इंतज़ार भी करना।

इंसान के परिचय की सुरुवात भले ही उसके चेहरे से होती है,,,,,लेकिन उसकी सम्पूर्ण पहचान उसके कर्मों से होती है।

#हैसियत बढ़ जाने पर अभिमान ना करना क्योकि उड़ान जमी से सुरू होती है और जमी पर ही खत्म होती है।

इंसान कितना अजीब है; गंगा नहाकर अपने सारे पाप धो आया,,लेकिन उसी पानी को भरकर घर ले आया,,इंसान का ये तरीका कुछ समझ नहीं आया॥

ईश्वर के फैसलों का क्यों शक करते हो जनाब? सजा मिल रही है तो गलती भी की होगी!!!


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